अमात्रिक शब्दों का महत्व एवं अभ्यास वर्कशीट
हिंदी भाषा के लेखन व पठन में अमात्रिक शब्दों ( Amatrik Shabd ) का प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमात्रिक शब्द वे शब्द होते हैं जिनमें ‘अ’ की मात्रा होती है और व्यंजन पर कोई अन्य मात्रा नहीं लगाई जाती। ये शब्द छोटे, सरल और सहज उच्चारण योग्य होते हैं।
बच्चों की पढ़ने की शुरुआत में इन शब्दों का अभ्यास करना उन्हें अक्षरों की पहचान, सही उच्चारण, शब्द निर्माण और पठन कौशल में निपुण बनाता है। इससे भाषाई विकास के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
PDF link Given at the end of Post
उद्देश्य (Objectives)
-
विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के अमात्रिक शब्दों को पढ़ने और लिखने में सक्षम बनाना।
-
चित्र देखकर अमात्रिक शब्दों की पहचान और नाम लिखना सिखाना।
-
शुद्ध उच्चारण की आदत विकसित करना।
-
अमात्रिक शब्दों और चित्रों के बीच संबंध स्थापित करना।
-
विद्यार्थियों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना।
पूर्वज्ञान (Pre Knowledge)
-
हिंदी स्वर और व्यंजन की पहचान।
-
अक्षरों का सही उच्चारण और लिखने की क्षमता।
-
आसपास की सामान्य वस्तुओं का ज्ञान।
-
रंगों और चित्रों की पहचान।
Amatrik Shabd का महत्व
जब बच्चा हिंदी पढ़ना सीखना शुरू करता है, तो उसे छोटे और सरल शब्दों से परिचित कराना चाहिए। Amatrik Shabd इस चरण में सबसे उपयुक्त होते हैं क्योंकि:
-
ये आसान और छोटे होते हैं।
-
बच्चे में पढ़ने की रुचि जागृत करते हैं।
-
उच्चारण और पठन कौशल विकसित करते हैं।
-
बच्चों को अक्षरों की स्थायी पहचान में मदद करते हैं।
अमात्रिक शब्दों के उदाहरण
दो अक्षर वाले अमात्रिक शब्द ( Do Akshar Wale Shabd )
कट, कप, कब, कर, कल, कस, घर, गज, जग, जम, जल, टम, ठप, डर, दल, धन, नट, नम, नर, नल, पट, पद, पल, पक, फन, फल, बल, बस, भर, मत, मन, मर, रस, लट, लय, वर, वन, सब, सच, सज, हट, हल।
तीन अक्षर वाले अमात्रिक शब्द ( Teen Akshar Wale Shabd)
अमन, अजय, अमर, अचल, अटल, अनल, अक्षर, कपट, कलश, कलम, कमल, कसर, कहर, गटर, गजल, गरम, चटक, जलज, जखम, बतख, बटन, पलक, पवन, शहर, पहर, भवन, नहर, नयन, लहर, हवन, पकड़, जकड़, झगड़, वहम।
चार अक्षर वाले अमात्रिक शब्द ( Char Akshar wale Shabd )
अकबर, अजगर, कसरत, शरबत, पलटन, हलचल, मरहम, बचपन, नटखट, पनघट, सरपट, झटपट, बरतन, अचकन, अदरक, खटमल, बरगद, कटहल, गड़बड़, डमडम, अफसर, दलदल, मलमल।
अमात्रिक शब्दों का अभ्यास करने के सुझाव
-
चित्रों से शब्दों का मिलान करवाएं।
-
पहले पढ़ने और पहचान पर ध्यान दें, फिर लिखवाना शुरू करें।
-
बच्चों से शब्दों का उच्चारण करवाते समय धीरे-धीरे अभ्यास कराएं।
-
बोल-बोलकर लिखने की आदत डालें।
-
चित्रों पर बातचीत करें ताकि बच्चे अनुभव साझा कर सकें।
अमात्रिक शब्द वर्कशीट (Worksheet ) की विशेषताएँ
-
चित्रों की मदद से शब्दों की पहचान और पढ़ना।
-
दो, तीन और चार अक्षर वाले शब्दों की क्रमिक व्यवस्था।
-
शब्द निर्माण, तुकांत शब्द, शब्द छांटना जैसी गतिविधियाँ।
-
अमात्रिक शब्दों पर आधारित कहानी और प्रश्नोत्तर।
-
बच्चों के लिए रंग भरने के कार्य ताकि वे पढ़ाई के साथ आनंद लें।
-
शिक्षक व अभिभावक अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रश्न बदलकर मूल्यांकन कर सकते हैं।
अमात्रिक शब्दों के लिए गतिविधियाँ (Activities)
-
फ्लैश कार्ड तैयार करें – एक ओर चित्र और दूसरी ओर शब्द।
-
बच्चों को पहले चित्र दिखाकर नाम पूछें।
-
फिर शब्द का उच्चारण सुनाएं और लिखना सिखाएं।
-
मिलते-जुलते शब्दों के माध्यम से रचनात्मक शब्द निर्माण करवाएं।
-
बच्चों से तुकांत शब्द बनाने को कहें, जैसे –
-
कप → ठप, तप, जप
-
जल → फल, चल, मल
-
अमात्रिक शब्दों वाली कहानी ( Story On Amatrik Shabd )
“अमन का घर” यह अमन का घर है। घर पर जल कम था। वह सड़क पर नल से जल लेने गया। सड़क पर बस खड़ी थी। वह एक-एक कदम चला। थरमस में जल भरकर घर आया। घर पहुँचकर उसने ठहरकर आराम किया। फिर शहद का शरबत बनाया और जग में रख दिया। शरबत ग़ज़ब का स्वादिष्ट था।
अ की मात्रा की कहानी आधारित प्रश्न उत्तर –
अमात्रिक शब्द सीखने के लाभ
-
बच्चों की पठन क्षमता में सुधार।
-
सही उच्चारण की आदत।
-
रचनात्मक सोच और वाक्य निर्माण कौशल का विकास।
-
आत्मविश्वास में वृद्धि।
शिक्षक और अभिभावक के लिए सुझाव
-
बच्चों को रोज़ाना 5-10 नए अमात्रिक शब्द सिखाएं।
-
उनके साथ खेल-खेल में अभ्यास करवाएं।
-
पढ़ते समय उन्हें कहानियों और कविताओं से जोड़े।
-
रंग भरने, चित्र पहचानने और शब्द जोड़ने की गतिविधियाँ करवाएं।






